Tuesday, May 21, 2024
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Dharm–शनिवार को करें पीपल (pipal)की पूजा,सारी दिक्कत हो जाएगी दूर

शनिवार के दिन शनि देव की पूजा की जाती है लोग शनिदेव की कृपा पाने के लिए उन्हें प्रसन्न करने के लिए उनकी पूजा करते हैं. शनिवार के दिन मंदिरों में और पीपल (pipal)के वृक्ष की सेवा पूजा की जाती है.

 मान्यता है कि ऐसा करने से शनिदेव से जुड़े कष्ट दूर होते हैं और वह प्रसन्न होकर अपने भक्तों के कष्ट दूर करते हैं.

 वैसे शनि देव न्याय के देवता है वह उन्हें ही कष्ट देते हैं जो व्यक्ति गलत कार्य करने वाले होते हैं. सच्चे ईमानदार लोगों को कष्ट नहीं देते हैं.ऐसे लोगों पर अगर किसी कारण से कष्ट आ भी जाए तो उन्हें पता नहीं चलता है, उनकी कृपा से वह कष्ट खुद ही दूर हो जाता है.

 आप अपनी परेशानी दूर करने के लिए साढ़ेसाती और ढैय्या का असर कम करने के लिए उनके कुछ चमत्कारी उपाय कर सकते हैं ताकि उनकी कृपा से इन परेशानी को दूर किया जा सके.

 स्कंद पुराण के अनुसार पीपल(pipal) को पूजनीय पेड़ माना जाता है कहते हैं स्कंद पुराण के अनुसार पीपल(pipal) के मूल में हरी तने में केशव शाखा में नारायण पत्तों में श्रीहरि और फलों में सभी देवों का वास माना जाता है. यही कारण है कि पीपल(pipal) की पूजा करने से सारे कष्ट दूर होते हैं.

कहते हैं कि शनिदेव महाराज की कृपा प्राप्त करने के लिए पीपल (pipal)के वृक्ष की पूजा करनी चाहिए क्योंकि इसमे श्री हरि भगवान विष्णु जी का भी निवास माना जाता है.

 इसलिए हर शनिवार को पीपल(pipal) के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दिया लगाना चाहिए. इस से शनिदेव और भगवान विष्णु की कृपा से व्यक्ति के हर कष्ट दूर होते हैं.

 शास्त्रों के अनुसार माना जाता है कि पीपल(pipal) पर सभी देवी देवता और पितरों का वास होता है इसलिए शनिवार को शनि देव की पूजा की जाती है इन्हें प्रसन्न करने के लिए शनिवार को पूजा अवश्य करनी चाहिए.

 शनि की ढैया और साढ़ेसाती का असर कम करने के लिए पीपल(pipal) की जड़ में सुबह तेल चढ़ाना चाहिए एक कटोरी में तेल लेकर अपना चेहरा देखकर किसी को दे दें या फिर पीपल (pipal)की जल में चढ़ा दें ऐसा करने से इसका असर कम होता है. और शारीरिक कष्ट दूर होते हैं.

 जो भी हनुमान जी की पूजा सेवा करता है शनि देव उसे परेशान नहीं करते हैं तो शनिवार के दिन शनि देव के साथ हनुमान जी की पूजा अवश्य करें हनुमान मंदिर में या पीपल(pipal) के पेड़ के नीचे हनुमान चालीसा का पाठ करने से भी शनि देव प्रसन्न होते हैं और उनका प्रभाव भी कम होता है.

 शनि दोष से मुक्ति पाने के लिए आप शनि देव को प्रसन्न करें पीपल(pipal) वृक्ष की जड़ में सुबह एक लोटा जल लेकर उसमें गंगाजल काली तिल मिलाकर और थोड़ी सी चीनी मिलाकर इस जल को पीपल की जल में अर्पित करें. ऐसा आप हर शनिवार को करें.

 ऐसा करने से शनिदेव के साथ-साथ पितर भी प्रसन्न होते हैं और उनका आशीर्वाद भी प्राप्त होता है. और आपके काम बनना शुरू हो जाते हैं.aapna kaam banane ke liye aap pipal ki jad me jal jarur arpit karen.

 जब आप कुछ हफ्तों तक इस नियम को करेंगे तो धीरे-धीरे आपकी परेशानियां कम होने लगेगी और आर्थिक स्थिति में सुधार होगा शारीरिक आर्थिक कष्ट दूर होंगे आप खुद महसूस करेंगे.

 शनि देव न्याय के देवता है इसलिए उन्हें गलत काम पसंद नहीं है. तो अपने बुरे कर्म छोड़े.झूठ ना बोले गलत काम ना करें. शनिदेव की पूजा करें ताकि शनि से संबंधित कष्ट धीरे-धीरे समाप्त हो और आपके काम बनने लगे हैं. to aap sani dev ko presann jarur karen.

 (ये लेख सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है )

 धन्यवाद !!  🙏🙏🙏🙏🙏

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